जमीनी स्तर पर कार्य करने वाली अग्रणी सामाजिक संस्था निस्वार्थ कदम ने सेक्टर-50 की झुग्गी बस्ती में रहने वाली वंचित महिलाओं के लिए सैनिटरी पैड वितरण एवं स्वास्थ्य व स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य उन महिलाओं में सम्मान, मासिक धर्म स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना था, जो जानकारी और संसाधनों की कमी के कारण अक्सर असुरक्षित परिस्थितियों में जीवन व्यतीत करती हैं।
निःस्वार्थ कदम के संस्थापक डॉ. प्रमोद राघव ने कहा,
“स्वच्छता और स्वास्थ्य हर महिला का मूल अधिकार है। एक समाज के रूप में हमें विशेष रूप से वंचित समुदायों की महिलाओं के लिए जागरूकता, समानता और गरिमा को सशक्त करने हेतु मिलकर कार्य करना होगा।”
उन्होंने यह भी जोर दिया कि महिलाओं को व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति शिक्षित करना उनके सशक्तिकरण और जीवन में समग्र प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है।
निस्वार्थ कदम के सदस्यों ने बताया कि इस कार्यक्रम ने झुग्गी क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं के बीच मासिक धर्म से जुड़ी झिझक और चुप्पी को तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। खुले संवाद और परामर्श के माध्यम से मासिक धर्म से जुड़े मिथकों को दूर करने तथा स्वच्छता, स्वास्थ्य और आत्मसम्मान के महत्व को सुदृढ़ किया गया।
इस कार्यक्रम को स्थानीय समुदाय से उत्साहजनक समर्थन प्राप्त हुआ, जो महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर बढ़ती जागरूकता और स्वीकार्यता को दर्शाता है। निस्वार्थ कदम ने महिलाओं की जागरूकता, शिक्षा और सशक्तिकरण के माध्यम से एक स्वस्थ और समावेशी समाज के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

